Bihar पटना, 25 जून। दिन शुक्रवार, समय तीन बजे, स्थान बिहार स्कूल एडुकेेशन बोर्ड का कार्यालय। समय से पूर्व सारे मीडिया कर्मी जूट गए थे। सबकी नजरे पाॅलटिकल सांइस को प्राॅडिकल सांइस कहने वाली आटर्स टापर्स रूबी राय पर थी। कुछ ही देर में रूबी राय सबके सामने आती है। सारे चैनल वाले और अखबार वाले उसे घेर लेते हैं। मीडियाकर्मियों के सार प्रश्नों को दर किनार करते हुए प्रश्न करती है कि मुझे कहां जाना है, ये बताइए। इतना कहकर वह टेस्ट देने चली जाती हैं।
उधर टेस्ट रूम में जब एक्सपर्ट की टीम ने रूबी राय से तुलसी दास के बारे में लिखने को कहा तो रूबी मात्र तुलसी दास प्रणाम! लिख सकी। एक तरह से वह टेस्ट टीम केे सामने एक भी प्रश्नों का जवाब नहीं दे पाई।
बाद में जब बाहर आने पर पुलिस की टीम उसे गमछा ओढ़ा गिरफ्तार करने लगी तो उसने बोल्ड आवाज में कहा मुझे किसी का डर नहीं है। मैं गांव में भी चेहरे पर गमछा नहीं ओढ़ती हूं। अगर गमछा ही लगाना होता तो आज बोर्ड ऑफिस नहीं आती।मैं ऐसे ही मीडिया के सामने जाऊंगी। हांलाकि बाद मेें रूबी गमछा ओढ़ने को तैयार हो गई।
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| पाॅलटिकल सांइस को प्राॅडिकल सांइस कहने वाली आटर्स टापर्स |
उधर टेस्ट रूम में जब एक्सपर्ट की टीम ने रूबी राय से तुलसी दास के बारे में लिखने को कहा तो रूबी मात्र तुलसी दास प्रणाम! लिख सकी। एक तरह से वह टेस्ट टीम केे सामने एक भी प्रश्नों का जवाब नहीं दे पाई।
बाद में जब बाहर आने पर पुलिस की टीम उसे गमछा ओढ़ा गिरफ्तार करने लगी तो उसने बोल्ड आवाज में कहा मुझे किसी का डर नहीं है। मैं गांव में भी चेहरे पर गमछा नहीं ओढ़ती हूं। अगर गमछा ही लगाना होता तो आज बोर्ड ऑफिस नहीं आती।मैं ऐसे ही मीडिया के सामने जाऊंगी। हांलाकि बाद मेें रूबी गमछा ओढ़ने को तैयार हो गई।

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